द्वितीय अध्याय : आलिंगन विचार प्रकरण
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श्लोक-1. संप्रयोगाअंग चतुः षष्टिरित्याचक्षते। चतुःषष्टिप्रकरणत्वात्।। अर्थ- कामसूत्र के विद्वानों ने संभोग कला के 64 अंगों के बारे में बताय...Read More
द्वितीय अध्याय : आलिंगन विचार प्रकरण
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