द्वितीय अध्याय : परिचयकारण प्रकरण
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श्लोक (1)- यथा कन्या स्वयमभियोगसाध्या न तथा दूत्या। परस्त्रियस्तु सूक्ष्मभावा दूतीसाध्या न तथात्मनेतयाचार्याः। अर्थ- कामशास्त्र के पुराने आ...Read More
द्वितीय अध्याय : परिचयकारण प्रकरण
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