पंचम अध्याय - विवाह योग प्रकरण
Admin
8:35 AM
श्लोक-1. प्राचुर्येण कन्याया विविक्तदर्शनस्यालाभे धात्रेयिकां प्रियहिताभ्यामुपगृह्योपसर्पेत्।।1।। अर्थ - यदि कोई लड़का किसी लड़की से प्यार ...Read More
पंचम अध्याय - विवाह योग प्रकरण
Reviewed by Admin
on
8:35 AM
Rating: