प्रथम अध्याय - वरण संविधान प्रकारण
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श्लोक-1. सवर्णायामनन्यपूर्वायां शास्त्रतोऽधिगतायां धर्मोऽर्थः पुत्राः संबंधः पक्षवृद्धिरनुपस्कृता रतिश्च।।1।। अर्थ : कन्या की शादी का विधान...Read More
प्रथम अध्याय - वरण संविधान प्रकारण
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