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Results for षष्ठम अध्याय संवेशन प्रकरण (संभोग क्रिया के अलग-अलग आसन)

षष्ठम अध्याय-संवेशन प्रकरण : संभोग क्रिया आसन

Admin 10:31 AM
श्लोक (1)- रागकाले विशाल यन्स्येव जघनं मृगी संविशेदुच्चरेत।। अर्थ :  इसमें संभोग क्रिया करने के अलग-अलग तरीकों को बताया जाएगा। श्लोक (2)- अव...Read More
षष्ठम अध्याय-संवेशन प्रकरण : संभोग क्रिया आसन षष्ठम अध्याय-संवेशन प्रकरण : संभोग क्रिया आसन Reviewed by Admin on 10:31 AM Rating: 5

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