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Results for 4. भार्याधिकारिक

द्वितीय अध्याय (सपत्नी पुजेष्ठा वृत्तम् प्रकरण)

Admin 9:59 AM
श्लोक-1. जाडय्दौः शील्यदौर्भाग्येभ्यः प्रजानुत्पत्तेराभीक्ष्ण्येन दारिकोत्पत्तेर्नायकचापलाद्वा सपत्न्यधिवेदनम्।।1।। अर्थ- बेवकूफी, चरित्रही...Read More
द्वितीय अध्याय (सपत्नी पुजेष्ठा वृत्तम् प्रकरण) द्वितीय अध्याय (सपत्नी पुजेष्ठा वृत्तम् प्रकरण) Reviewed by Admin on 9:59 AM Rating: 5

प्रथम अध्याय भार्याधिकारिक (एकचारिणी वृत प्रकरण)

Admin 9:53 AM
श्लोक- 1. भार्यैकचारिणी गूढ़विश्रम्भा देववत्पतिमानुकूल्यन वर्तेत।। 1 ।। अर्थ- दो प्रकार की भार्या (पत्नी) होती हैं। 1. पहली एकचारिणी अर्थात...Read More
प्रथम अध्याय भार्याधिकारिक (एकचारिणी वृत प्रकरण) प्रथम अध्याय भार्याधिकारिक (एकचारिणी वृत प्रकरण) Reviewed by Admin on 9:53 AM Rating: 5

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