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तोता का काजू-कतरी प्रेम
तोता का काजू-कतरी प्रेम
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तोता का काजू-कतरी प्रेम
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षष्ठम अध्याय-संवेशन प्रकरण : संभोग क्रिया आसन
श्लोक (1)- रागकाले विशाल यन्स्येव जघनं मृगी संविशेदुच्चरेत।। अर्थ : इसमें संभोग क्रिया करने के अलग-अलग तरीकों को बताया जाएगा। श्लोक (2)- अव...
पंचम अध्याय : दशन छेद्यविधि प्रकरण
श्लोक(1)- उत्तरौष्ठमन्तर्मुखं नयनमिति मुत्तवा चुम्बनवद्दशनरदन स्थानानि।। अर्थ : ऊपर वाला होंठ, आंख और जीभ को छोड़कर बाकी सभी वह अंग जिनमें ...
सप्तम अध्याय : प्रहणनीसीत्कार प्रकरण
श्लोक (1)- कलहरूपं सुरतामाचक्षते। विवादात्मकत्वाद्वा मशीलत्वाच्च कामस्थ।। अर्थ : इसके अन्तर्गत संभोग क्रिया करते समय प्यार को बढ़ाने वाले स...
कामसूत्र एक परिचय
कामसूत्र को पढ़ने से ज्ञात होता है कि प्राचीन काल में भारत के नागरिक विद्या तथा कला का उपयोग बखूबी करते थे उनकी दिनचर्या से प्रकट होता है | ...
औरत अगर मर्द से ज़बरदस्ती करे तो क्या यह रेप है?
जब एक पुरुष किसी महिला के साथ बिना उसकी मर्ज़ी के ज़बरदस्ती सेक्स करता है तो यह रेप है, लेकिन अगर एक महिला पुरुष को बिना उसकी मर्ज़ी ...
औरत की योनि में वीर्य के निष्कासन के बाद वीर्य का क्या होता है? जानिए ऐसे ही अन्य प्रश्नों के उत्तर
loading... यौन एक ऐसा विषय है जिस पर व्यक्ति आमतौर पर चर्चा करने में संकोच करता है | बहुत से ऐसे प्रश्न हैं जिन्हें जानने की उत्स...
क्या सेक्स लाइफ़ किसी ख़ास चीज़ को खाने से बेहतर हो सकती है?
अगर इस बात के सबूत मिल जाएं कि कोई खाना आपकी कामेच्छा, मर्दाना ताक़त या यौन सुख को बढ़ा सकता है तो शायद इसे हाथों-हाथ ख़रीद लिया जाएगा. ...
प्रथम अध्याय : रताववंस्थापन प्रकरण
श्लोक-1. शशो वृषोऽश्वइति लिंगतो नायकविशेषः। नायिका पुनमृगी वडवा हस्तिनी चेति। अर्थ- छोटे, बड़े या मध्यम आकार के लिंग के आधार पर पुरुष को शश...
अष्टम अध्याय-पुरुषायित प्रकरण (विपरीत रति)
श्लोक-(1)- नायकस्य संतताभ्यासात्परिश्रममुपलभ्य रागस्य चानुपशमम्, अनुमता तेन तमधोऽवपात्य पुरुषायितेन साहाय्यं दद्यात्।। अर्थ : संभोग क्रिया ...
3. त्रिवर्ग प्रतिपत्ति प्रकरण
श्लोक (1)- शतायुवैं पुरुषों विभज्य कालमन्योन्यानुबद्धं परस्परस्यानुपघातकं त्रिवर्ग सेवेत।। अर्थ- शांत जीवन बिताने वाला मनुष्य अपने पूरे जीव...
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