loading...

अंतरंग संबंधों की हकीकत

अक्‍सर कई लोग इस बात की फिक्र में डूबे रहते हैं कि शारीरिक संबंध का उन पर और उनसे जुड़े लोगों पर किस तरह का असर पड़ता है.

कई बार जिस्‍मानी रिश्‍तों से जुड़ी आशंकाएं निर्मूल साबित होती हैं, तो कई बार यह सच के करीब भी मालूम पड़ती हैं. एक और सवाल लोगों की जेहन में घूमता रहता है कि शारीरिक संबंध बनाने की सही उम्र क्‍या होनी चाहिए?

कई लोग ऐसा भी मानते हैं कि कम उम्र में जिस्‍मानी रिश्‍ते बनाने वाले बच्‍चे पढ़ाई-लिखाई में फिसड्डी हो जाते हैं.

पर अब एक शोध में इससे उलट नतीजे सामने आए हैं.

जो माता-पिता इस बात की फिक्र करते हैं कि उनके बच्चों के यौन संबंधों में लिप्त रहने से स्कूल में उनके प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है, उनके लिये अब एक अध्ययन में कहा गया है कि इससे कोई खास असर नहीं पड़ता.

एक अध्ययन के नतीजों में इस अनुमान को चुनौती दी गयी कि जिस्मानी रिश्ते बनाने वाले किशोरवय के बच्चे स्कूल में खराब प्रदर्शन करते हैं.

शोधकर्ताओं ने कहा कि गंभीर रिश्ते रखने वाले किशोर अपने साथी में सामाजिक और भावनात्मक समर्थन तलाश सकते हैं. इससे उनकी आतुरता और तनाव के स्तर में कमी आती है.

इसी तरह दांपत्य जीवन और स्‍त्री-पुरुष के बीच शारीरिक संबंध को लेकर नित नए शोध होते रहते हैं.

इन शोधों में कई नई जानकारियां तो सामने आती ही हैं, साथ ही कई चौंकाने वाले तथ्‍य भी उजागर होते हैं. जानिए कुछ अन्‍य तथ्‍यों के बारे में, जो नवीनतम शोधों के बाद निकलकर सामने आए हैं.

एक शोध में यह बात सामने आई है कि आर्थिक मंदी से पैदा हुई निराशा और विपरीत परिस्थितियां विवाहेतर संबंधों की तरफ पुरुषों के रुझान में बढ़ोतरी लाने का काम करती हैं.

नए अध्ययन में कहा गया है कि विपरीत परिस्थितियों के दौरान पुरुष में अधिक शारीरिक संबंध बनाने की प्रवृति देखने को मिलती है.

दूसरी ओर 45 प्रतिशत महिलाएं स्वीकार करती हैं कि उन्हें बिस्तर पर आलिंगनबद्ध होना पसंद नहीं है और वे अच्छी नींद लेना चाहती हैं.

पांच में से एक महिला का कहना है कि वह बिस्तर पर अपने साथी के साथ लंबे समय तक शारीरिक संपर्क में नहीं रहना चाहती. महिलाओं का कहना है कि इससे वे असहज महसूस करती हैं.

वहीं 10 में से एक महिला का कहना है कि वह बिस्तर पर अपने साथी के साथ आलिंगनबद्ध होने की बजाए फेसबुक देखना पसंद करती है.

एक-तिहाई महिलाएं सप्ताह भर में केवल दो बार आलिंगनबद्ध होती हैं. 20 में से एक से ज्यादा महिलाओं का कहना है कि वे मुश्किल से ही कभी अपने साथी के साथ आलिंगनबद्ध होती हैं.

अध्ययन के मुताबिक करीब 36 प्रतिशत ब्रिटिश पुरुष कहते हैं कि रात के समय आलिंगन न होने से शयनकक्ष में तनाव या झगड़े की स्थिति होती है जबकि ऐसा कहने वाली महिलाओं की संख्या मात्र 26 प्रतिशत है.

22 प्रतिशत पुरुष पूरी रात आलिंगनबद्ध होकर सोना चाहते हैं, जबकि ऐसा चाहने वाली महिलाओं की संख्या 18 प्रतिशत है.

एक नये अध्ययन में यह दावा किया किया गया है. पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर होने की इस आशंका के चलते वैज्ञानिकों इन दोनों के बीच संभावित संपर्क का पता लगाने की कवायद की.

अनचाहे गर्भ से बचने के लिए दुनियाभर में महिलाएं गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल कर रही हैं, लेकिन इससे पुरुषों को प्रोस्टेट कैंसर होने का अंदेशा जताया जा रहा है.

रिपोर्ट के मुताबिक अध्ययनकर्ताओं का मानना है कि गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करने वाली महिलाओं के मूत्र से निकलने वाले ‘ओस्ट्रोजेन’ खाद्य श्रृंखला और पेयजल को संदूषित कर सकते हैं. यह हार्मोन कुछ खास तरह के कैंसर का पोषण कर सकता है.

'एक अनार, सौ बीमार' वाली कहावत तो आपने सुनी होगी. दरअसल सदियों से माना जा रहा है कि यह फल सैकड़ों बीमारियों में फायदा पहुंचाता है. अनार हृदय रोगों, तनाव और यौन-जीवन के लिए बेहतर माना जाता है.

उम्र बढ़ने के बावजूद यदि आप जवान दिखना चाहते हैं, तो आपको फौरन अनार का सेवन शुरू कर देना चाहिए. कुदरत का यह हसीन तोहफा युवावस्था की अचूक दवा है.

ब्रिटेन में कच्ची उम्र में लापरवाही से सेक्स करने के कारण महिलाओं में सर्विकल कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं.

यदि आप खुद को तनाव के कारणों से दूर रखते हैं और लम्बे समय तक जीवित रहना चाहते हैं, तो आप शादी कर लीजिये और फिर रोज रात को एक ग्लास वाइन पीजिये.

आप अगर दीर्घायु होना तो इसके लिए शोधकर्ताओं ने कुछ रोचक नुस्खे बताए हैं. शोधकर्ताओं के मुताबिक यदि लम्बे समय तक जीने के लिए आपको पहले तो शादी करनी चाहिए और फिर अपने दिमाग पर कम से कम जोर डालना चाहिए. साथ ही साथ आपको हर रोज कम से कम एक ग्लास वाइन पीनी चाहिए.

शोधकर्ताओं ने पाया कि वे लोग जो स्वंय के बारे में यह समझते हैं कि उनका स्वास्थ अच्छा है वे आमतौर पर लम्बे समय तक जीवित रहते हैं.

वाइन का औसत सेवन करने वाले लोग उन लोगों की तुलना में अधिक समय तक जीवित रहते हैं जो वाइन का सेवन नहीं करते.

एक लोकप्रिय धारणा के विपरीत एक-तिहाई महिलाएं आलिंगन पसंद नहीं करतीं, जबकि अब तक यह माना जाता था कि महिलाएं ऐसा चाहती हैं.

सोने के लिए जाने से पहले 55 प्रतिशत महिलाएं अपने पुरुष साथी को आलिंगन की इजाजत देती हैं.

loading...
अध्ययन में पता चला है कि पुरुषों को गले लगना या आलिंगनबद्ध होना ज्यादा पसंद आता है, जबकि तीन में से एक महिला खुद को इस अवस्था में सहज महसूस नहीं करती और पुरुष साथी की नाराजगी के डर से दबाव में ऐसा करती है.

करीब एक-तिहाई लोगों को मित्रों से गर्भनिरोधकों के बारे में गलत सूचना मिली. यह सर्वेक्षण मुख्य तौर पर अनियोजित गर्भधारण और यौन संचारित संक्रमणों पर केंद्रित था.

वहीं 36 फीसद लोगों ने कहा कि उन्हें एक ऐसे नजदीकी मित्र अथवा परिवार के सदस्य के बारे में जानकारी है, जिसे बिना पूर्व योजना के गर्भधारण हो गया.

देश में कराये गए अंतरराष्ट्रीय सर्वेक्षण में शामिल कम से कम 40 फीसद युवाओं ने कहा कि जब उन्हें गर्भनिरोधकों की जरूरत होती है तो उन्हें इन्हें प्राप्त करने में परेशानी होती है.

हाल ही में किए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार पूरे भारत में यौन रूप से सक्रिय लोगों में से कम से कम 72 प्रतिशत लोगों ने नये साथी के साथ बिना किसी सुरक्षा के सेक्स किया.

एक शोध में यह बात सामने आई है कि छरहरी दिखने के लिए किशोरियों में जरूरत से कम खाने या भूखे रहने की प्रवृत्ति होती है, जिससे आगे चलकर उनके हृदयरोग के गिरप्त में आने की एक तिहाई संभावना पैदा हो जाती है.

अंतरंग संबंधों की बेपर्दा होती हकीकत | <a style='COLOR: #d71920' href='http://is.gd/gK9Fd' target='_blank'>'कामसूत्र' में क्‍या?</a>
सुंदर और आकर्षक दिखने की चाहत तो कमोबेश हर किसी में होती है, पर इसके लिए स्‍वास्‍थ्‍य से खिलवाड़ कर गुजरता बेहद घातक साबित हो सकता है.

अध्ययनकर्ताओं ने यह पाया कि जो स्त्री या पुरुष कभी शादी नहीं करते, उनकी कैंसर से मौत होने की संभावना ज्यादा होती है. इन कैंसरों में फेफड़े, स्तन और प्रोस्टेट जैसे कुल तेरह तरह के सामान्य कैंसर शामिल हैं.

इस अध्ययन के अनुसार शादीशुदा लोगों के मुकाबले कुंवारे लोगों के कैंसर से मरने की संभावना दोगुनी होती है.

कहते हैं कि अकेले या कुंवारे रहने में जो मजा है, वो शादीशुदा जिंदगी में नहीं है, लेकिन एक हालिया अध्ययन ऐसे लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच सकता है.

कैनसास विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ताओं का यह भी कहना है कि अपनी मौत के बारे में सोचने वाले पुरुष भी अपनी मौत से पहले अधिक से अधिक बच्चे पैदा करना चाहते हैं.

इस अध्ययन को अंजाम देने वाले मनोविज्ञानी ओम्री गिलाथ के अनुसार, ‘जब माहौल सुरक्षित होता है, खाने-पीने की दिक्कत नहीं होती और परिस्थितियां अनुकूल होती हैं, तो पुरुष अपने बच्चों और पत्नी के साथ खुश रहते हैं. हालात खराब होने पर पुरुष अल्पकालीन तरीके अपनाते हैं और अधिक संभोग करते हैं.
loading...
अंतरंग संबंधों की हकीकत अंतरंग संबंधों की हकीकत Reviewed by Admin on 10:30 PM Rating: 5

Most Popular

loading...
News24. Powered by Blogger.